सहित उधर दौड़ पड़ा। उस दिन ब्रह्यवर्त में हुई लड़ाई में विद्रोहियों की 42वीं रेजिमेंट ने अंगे्रजी सेना के लड़ते-लड़ते बीस गज तक आते ही बैनेट लेकर लड़ना प्रारंभ किया। आज तक अंगे्रज लोग विद्रोहियों को डराने के लिए बैनेट को अंतिम साधन समझते थे। पर आज उन शूर स्वतंत्रता सेनानियों ने स्वयं ही फिरंगियों पर बैनेट चलाकर घमासान मचा दिया। इसी समय विद्रोहियों के घुड़सवारों ने अंगे्रजों की पिछाड़ी पर टूटकर उनकी रसद मार
सहित उधर दौड़ पड़ा। उस दिन ब्रह्यवर्त में हुई लड़ाई में विद्रोहियों की 42वीं रेजिमेंट ने अंगे्रजी सेना के लड़ते-लड़ते बीस गज तक आते ही बैनेट लेकर लड़ना प्रारंभ किया। आज तक अंगे्रज लोग विद्रोहियों को डराने के लिए बैनेट को अंतिम साधन समझते थे। पर आज उन शूर स्वतंत्रता सेनानियों ने स्वयं ही फिरंगियों पर बैनेट चलाकर घमासान मचा दिया। इसी समय विद्रोहियों के घुड़सवारों ने अंगे्रजों की पिछाड़ी पर टूटकर उनकी रसद मार