हो जाते है। पहले आदेश से ही अपना मुख्य सेनापतित्व हैवलाॅक को देने से आउट्रम ने जो अद्वितीय उदारता, स्वार्थ-विमुखता और राष्ट्रहितपरता दिखाई वह देखते ही तीनों जगत् से ‘वीरवर, साधु, साधु’ के उद्गार फूट पड़े होंगे।
इस वीर साधुत्व की नैतिक शिक्षा से प्रस्फुरित हुआ और नई ताजा दम अंगे्रजी सेना, कलकŸाा से आए आयर, आउट्रम, कूपर-ऐसे-ऐसे योद्धाओं की सहायता से द्विगुणित उत्साह से भरी वह कानपुर की अंगे्रजी सेना
हो जाते है। पहले आदेश से ही अपना मुख्य सेनापतित्व हैवलाॅक को देने से आउट्रम ने जो अद्वितीय उदारता, स्वार्थ-विमुखता और राष्ट्रहितपरता दिखाई वह देखते ही तीनों जगत् से ‘वीरवर, साधु, साधु’ के उद्गार फूट पड़े होंगे।
इस वीर साधुत्व की नैतिक शिक्षा से प्रस्फुरित हुआ और नई ताजा दम अंगे्रजी सेना, कलकŸाा से आए आयर, आउट्रम, कूपर-ऐसे-ऐसे योद्धाओं की सहायता से द्विगुणित उत्साह से भरी वह कानपुर की अंगे्रजी सेना