1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

वीर गोरी सेना तथा सिखों सहित कुल सेना सवा तीन हजार से अधिक थी। चुने हुए घुड़सवार, उŸाम तोखखाना और नील, आयर, आउट्रम जैसे लश्करी अधिकारी अब उसके साथ थे। अ बवह अवध में विद्रोहियों की बाधाओं को क्यों महŸव दें? स्वदेश को फिरंगी स्वर्श से अदूषित रखने जो भी जमींदार रण में आया वह मारा गया। अपने जीवित रहते अपनी मातृभूमि पर विदेशी घोड़े दौड़ते देखकर जिस किसी मानधनी गांव ने भीषण लड़ाई की वह राख हो गया। जो भी रास्ता,


1438 of 2102

वीर गोरी सेना तथा सिखों सहित कुल सेना सवा तीन हजार से अधिक थी। चुने हुए घुड़सवार, उŸाम तोखखाना और नील, आयर, आउट्रम जैसे लश्करी अधिकारी अब उसके साथ थे। अ बवह अवध में विद्रोहियों की बाधाओं को क्यों महŸव दें? स्वदेश को फिरंगी स्वर्श से अदूषित रखने जो भी जमींदार रण में आया वह मारा गया। अपने जीवित रहते अपनी मातृभूमि पर विदेशी घोड़े दौड़ते देखकर जिस किसी मानधनी गांव ने भीषण लड़ाई की वह राख हो गया। जो भी रास्ता,


1438 of 2102