1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

भोंसले घराने की रानी के शयन के पवित्र पलंग पर बैठकर अंगे्रज उस अंतिम सांस के ताल पर कुदाली चला रहे हैं। और अपराध कौन सा? वह यह कि राजा राघोजी दत्तक लेने से पहले स्वर्गवासी हो गए।

अन्नपूर्णाबाई अंततः उस असह्य अपमान से मर गई। परंतु रानी बांकाबाई की विलायत से न्याय पाने की आषा अभी नहीं मरी थी। पर जल्दी ही अंगे्रजी डाॅक्टरों को लाखों रूपए चराने के बाद उन्होंने जो रामबाण औशधियां दीं उनसे वह आषा भी निजधाम


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भोंसले घराने की रानी के शयन के पवित्र पलंग पर बैठकर अंगे्रज उस अंतिम सांस के ताल पर कुदाली चला रहे हैं। और अपराध कौन सा? वह यह कि राजा राघोजी दत्तक लेने से पहले स्वर्गवासी हो गए।

अन्नपूर्णाबाई अंततः उस असह्य अपमान से मर गई। परंतु रानी बांकाबाई की विलायत से न्याय पाने की आषा अभी नहीं मरी थी। पर जल्दी ही अंगे्रजी डाॅक्टरों को लाखों रूपए चराने के बाद उन्होंने जो रामबाण औशधियां दीं उनसे वह आषा भी निजधाम


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