1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar




1857 का स्वातंत्र्य समर - 52

प्रकरण-3

नाना साहब और लक्ष्मीबाई

महाराष्ट्र की पुण्यभूमि में माथेरान के गिरी शिखर के गौरव और उस गिरी शिखर की तलहटी में हरी चादर से शोभित भूमि के गौरव में से किसका वर्णन अधिक किया जाए, इसका निर्णय करना असंभव है। इस शानदार माथेरान की देखरेख में और इस सुदंर भूमि की गोद में वेणु नामक एक छोटा सा गांव अपनी सहज सुंदरता से पहले से ही सुंदर उस प्रदेश को और अधिक संुदर बना


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1857 का स्वातंत्र्य समर - 52

प्रकरण-3

नाना साहब और लक्ष्मीबाई

महाराष्ट्र की पुण्यभूमि में माथेरान के गिरी शिखर के गौरव और उस गिरी शिखर की तलहटी में हरी चादर से शोभित भूमि के गौरव में से किसका वर्णन अधिक किया जाए, इसका निर्णय करना असंभव है। इस शानदार माथेरान की देखरेख में और इस सुदंर भूमि की गोद में वेणु नामक एक छोटा सा गांव अपनी सहज सुंदरता से पहले से ही सुंदर उस प्रदेश को और अधिक संुदर बना


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