1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

होने से लंदन के लोगों में वे बहुत प्रिय हो गए। अपनी आकर्शक और मीठी वाणी, अपने षारीरिक तेज एवं अपनी असीम उदारता के कारण अजीमुल्ला अनेक अंगे्रजी ललनाओं के गले का हार बन गए। लंदन के सार्वजनिक बगीचों में या ब्राइटन के समुद्री किनारे पर रत्न जड़ित पोषाक में इस ‘भारतीय राजा’ को देखने आंग्ल नर-नारियों की भीड़ इकट्ठी होती थी। कुछ अंग्रेज युवतियां तो अजीमुल्ला पर इतनी लट्टू हो गई थी कि उनके वापस हिंदुस्थान आ


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होने से लंदन के लोगों में वे बहुत प्रिय हो गए। अपनी आकर्शक और मीठी वाणी, अपने षारीरिक तेज एवं अपनी असीम उदारता के कारण अजीमुल्ला अनेक अंगे्रजी ललनाओं के गले का हार बन गए। लंदन के सार्वजनिक बगीचों में या ब्राइटन के समुद्री किनारे पर रत्न जड़ित पोषाक में इस ‘भारतीय राजा’ को देखने आंग्ल नर-नारियों की भीड़ इकट्ठी होती थी। कुछ अंग्रेज युवतियां तो अजीमुल्ला पर इतनी लट्टू हो गई थी कि उनके वापस हिंदुस्थान आ


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