पंजाब के इतिहास-प्रसिद्ध राजा, कोहिनूर के तेज से दीप्तिमान उस शूरवीर से पहले आहूति दान का सम्मान पाने योग्य दूसरा कौन होगा! इसलिए चल, आ जा रे डलहौजी! उस कोहिनूर को उसके वास्तविक मालिक के छीनकर ले आ। पंजाब की स्वतंत्रता का खून हुआ है-यह उस राष्ट्र-क्षोभ के कुलदेव को सूचित करने के लिए
1857 का स्वातंत्र्य समर -68
वह अग्नि चेत गई है। इस कोहिनूर को फेंक दो उसमें!
इस ब्रह्यदेश को दूसरा सम्मान मिलना उचित है,
पंजाब के इतिहास-प्रसिद्ध राजा, कोहिनूर के तेज से दीप्तिमान उस शूरवीर से पहले आहूति दान का सम्मान पाने योग्य दूसरा कौन होगा! इसलिए चल, आ जा रे डलहौजी! उस कोहिनूर को उसके वास्तविक मालिक के छीनकर ले आ। पंजाब की स्वतंत्रता का खून हुआ है-यह उस राष्ट्र-क्षोभ के कुलदेव को सूचित करने के लिए
1857 का स्वातंत्र्य समर -68
वह अग्नि चेत गई है। इस कोहिनूर को फेंक दो उसमें!
इस ब्रह्यदेश को दूसरा सम्मान मिलना उचित है,