दुनिया पर निरकुंश होकर नाचने लगे। हे प्रतिशोध! तेरी उग्रता से ही कंपित होकर पापियों को पुण्यवान् होकर नाचने लगे। हे प्रतिशोध ! तेरी उग्रता से ही कंपित होकर पापियों को पुण्यवान् होना पड़ता है। तू ही रावण का राम था, तू ही दुर्योधन का भीम था, तू ही हिरण्यकशिपु का नृसिंह था। उनके समय में तुम्हें प्रसन्न करने के लिए जितना हविर्दान नहीं हुआ थ उतना इस प्रचंड हवनकुंड में लगा हुआ है। एतदर्थ, जग से अन्याय और अंधेर समाप्त हो, परवशता और परदासता मिट जाए,
दुनिया पर निरकुंश होकर नाचने लगे। हे प्रतिशोध! तेरी उग्रता से ही कंपित होकर पापियों को पुण्यवान् होकर नाचने लगे। हे प्रतिशोध ! तेरी उग्रता से ही कंपित होकर पापियों को पुण्यवान् होना पड़ता है। तू ही रावण का राम था, तू ही दुर्योधन का भीम था, तू ही हिरण्यकशिपु का नृसिंह था। उनके समय में तुम्हें प्रसन्न करने के लिए जितना हविर्दान नहीं हुआ थ उतना इस प्रचंड हवनकुंड में लगा हुआ है। एतदर्थ, जग से अन्याय और अंधेर समाप्त हो, परवशता और परदासता मिट जाए,