देख उन कारतूसों के निर्माण का कारखाना दमदम में चालू किया गया। इस कारखाने में तैयार किए गए कारतूसों को पहले जैसी ही चरबी लगाई जाती थी;पर ऐसा करने में हिंदुस्थानी लोगों को धर्मच्युत करने का सरकार का हेेतु नहीं था-इसे कोई भी भूले नहीं! ऐसा उद्देश्य न होते हुए भी हमारा देश मिट्टी में मिल गया। उेसा कोई उद्देश्य न होते हुए भी हमारा स्वराज्य चर-चर ची दिया गया और ऐसा उद्देश्य न होते भी हमारे धर्म का नाश हो
देख उन कारतूसों के निर्माण का कारखाना दमदम में चालू किया गया। इस कारखाने में तैयार किए गए कारतूसों को पहले जैसी ही चरबी लगाई जाती थी;पर ऐसा करने में हिंदुस्थानी लोगों को धर्मच्युत करने का सरकार का हेेतु नहीं था-इसे कोई भी भूले नहीं! ऐसा उद्देश्य न होते हुए भी हमारा देश मिट्टी में मिल गया। उेसा कोई उद्देश्य न होते हुए भी हमारा स्वराज्य चर-चर ची दिया गया और ऐसा उद्देश्य न होते भी हमारे धर्म का नाश हो