उत्तेजना देने के लिए शहजादे और राजवंश के अन्य पुरूषों ने अलग-अलग उपाय किए और दिल्ली में क्रांति की ज्वलाएं सब ओर से सुलगने लगीं।
इस तरह दिल्ली के दीवाने-आम में और ब्रह्यवर्त के राजमंदिर मंे स्वतंत्रता संग्राम की गुप्त तैयारी हो रही थी। हिंदुस्थान की क्रांतिकारी शक्तियों को इकट्ठा और संगठित करने के लिए इन दो राजमहलों से जो प्रचंड प्रयास चल रहे थे वे इतने गुप्त रीति से किए जा रहे थे कि अंगे्रजों जैसे
उत्तेजना देने के लिए शहजादे और राजवंश के अन्य पुरूषों ने अलग-अलग उपाय किए और दिल्ली में क्रांति की ज्वलाएं सब ओर से सुलगने लगीं।
इस तरह दिल्ली के दीवाने-आम में और ब्रह्यवर्त के राजमंदिर मंे स्वतंत्रता संग्राम की गुप्त तैयारी हो रही थी। हिंदुस्थान की क्रांतिकारी शक्तियों को इकट्ठा और संगठित करने के लिए इन दो राजमहलों से जो प्रचंड प्रयास चल रहे थे वे इतने गुप्त रीति से किए जा रहे थे कि अंगे्रजों जैसे