अग्रणी नेता एक पुस्तक विक्रेता था। कलकत्ता में तो स्वयं सवध के पूर्व नवाब और उनके मुख्य वजीर अली नक्की खान ठहरे हुए थे। उपर्युक्त मुख्य वजीर ने सन् 1857 की घटना में जितना धैर्य, चतुराई और साहस दिखाया उतना बहुत कम दिखा पाए होंगे। कलकत्ता में मुख्य काम बैरकपुर, दमदम आदि स्थानों पर रह रहे सिपाहियों को राज्य क्रांति के लिए अनुकूल कर लेने का था। वह बहुत नाजुक काम अली नक्की खान ने इतनी सफाई से किया कि सन्
अग्रणी नेता एक पुस्तक विक्रेता था। कलकत्ता में तो स्वयं सवध के पूर्व नवाब और उनके मुख्य वजीर अली नक्की खान ठहरे हुए थे। उपर्युक्त मुख्य वजीर ने सन् 1857 की घटना में जितना धैर्य, चतुराई और साहस दिखाया उतना बहुत कम दिखा पाए होंगे। कलकत्ता में मुख्य काम बैरकपुर, दमदम आदि स्थानों पर रह रहे सिपाहियों को राज्य क्रांति के लिए अनुकूल कर लेने का था। वह बहुत नाजुक काम अली नक्की खान ने इतनी सफाई से किया कि सन्