से वह जानकारी सरकार के कानों तक गई तो एक-दो रेजिमेंटों को निःशस्त्र कर दूर कर दिया गया। बहुत बढ़िया! ये सारे सिपाही स्वयंसेवक बनकर गांव-गांव जाते और क्रांतियुद्ध के जिहाद का उपदेश करते। सिपाहियों के सब ठिकानों से वचन-पत्र ऐसा था। सातवीं अवध रेजिमेंट का अड़तालीस रेजिमेंट को भेजा गया वचन-पत्र ऐसा था-‘‘रेजिमेंट के हमारे भाई का मत हमें स्वीकार है। कारतूसों के बारे में उनके जैसा ही व्यवहार करेंगे और समय आने
से वह जानकारी सरकार के कानों तक गई तो एक-दो रेजिमेंटों को निःशस्त्र कर दूर कर दिया गया। बहुत बढ़िया! ये सारे सिपाही स्वयंसेवक बनकर गांव-गांव जाते और क्रांतियुद्ध के जिहाद का उपदेश करते। सिपाहियों के सब ठिकानों से वचन-पत्र ऐसा था। सातवीं अवध रेजिमेंट का अड़तालीस रेजिमेंट को भेजा गया वचन-पत्र ऐसा था-‘‘रेजिमेंट के हमारे भाई का मत हमें स्वीकार है। कारतूसों के बारे में उनके जैसा ही व्यवहार करेंगे और समय आने