यदि भारत सरकार के किसी अधिकारी एच.ए. स्टअर्ट को 21 जुलाई को ही पता चल चुका था कि पुस्तक का अंगे्रजी रूपांतर लंदन के ए. बोन्नेर प्रकाशन गृह ने मुद्रित किया है तो उस पर छापा क्यों नहीं मारा गया? क्यों 23 जुलाई, 1909 को प्रतिबंध लगानेवाली विज्ञप्ति में पुस्तक का परिचय गोलमोल भाषा में देना पड़ा? इसका निर्णयकरन अभी भी कठिन हो रहा है कि उस पुस्तक का प्रथम गुप्त संस्करण हाॅलैंड में छपा या इंग्लैंड में। जैसा
यदि भारत सरकार के किसी अधिकारी एच.ए. स्टअर्ट को 21 जुलाई को ही पता चल चुका था कि पुस्तक का अंगे्रजी रूपांतर लंदन के ए. बोन्नेर प्रकाशन गृह ने मुद्रित किया है तो उस पर छापा क्यों नहीं मारा गया? क्यों 23 जुलाई, 1909 को प्रतिबंध लगानेवाली विज्ञप्ति में पुस्तक का परिचय गोलमोल भाषा में देना पड़ा? इसका निर्णयकरन अभी भी कठिन हो रहा है कि उस पुस्तक का प्रथम गुप्त संस्करण हाॅलैंड में छपा या इंग्लैंड में। जैसा