एक क्षण और ं ं ं ंकि दिग्गजों के कान भी बधिर हो जाएं, ऐसी गड़गड़ाहट होनेवाली है; फिर मदंाध जुल्म को यह ज्ञात होगा कि हिंदुस्थान के ज्वालामुखी का प्रतिशोध कैसा होता है।
1857 का स्वातंत्र्य समर - 92
भाग-2
विस्फोट
प्रकरण-9
शहीद मंगल पांडे
सन् 1857 के क्रांतियुद्ध के इतिहास में एक आश्चर्यजनक बात थी उसकी परम गोपनीयता। पूरे युद्ध की रचना गुप्त रीति से हुई। सारे हिंदुस्थान भर में क्रांति रचना
एक क्षण और ं ं ं ंकि दिग्गजों के कान भी बधिर हो जाएं, ऐसी गड़गड़ाहट होनेवाली है; फिर मदंाध जुल्म को यह ज्ञात होगा कि हिंदुस्थान के ज्वालामुखी का प्रतिशोध कैसा होता है।
1857 का स्वातंत्र्य समर - 92
भाग-2
विस्फोट
प्रकरण-9
शहीद मंगल पांडे
सन् 1857 के क्रांतियुद्ध के इतिहास में एक आश्चर्यजनक बात थी उसकी परम गोपनीयता। पूरे युद्ध की रचना गुप्त रीति से हुई। सारे हिंदुस्थान भर में क्रांति रचना