अपनी स्वतंत्रता के लिए शत्रु पर टूट पड़ो।’’ ऐसी गर्जना करते हुए वह अपने स्वदेश बंधुओं को अपने पीछे आने का आह्यन करने लगा। यह देखते ही सार्जेंट मेजर ह्यूसन ने सिपाहियों को मंगल पांडे को पकड़ने का आदेश दिया। परंतु अंग्रजों को आज तक मिले देशद्रोही सिपाही मंगल पांडे को पकड़ने नहीं हिला। और इधर मंगल पांडे की बंदूक से सन्-सन् करके निकली गोली ने उस ह्यूसन का शव तत्काल भूमि पर पटक दिया। यह गड़बड़ हो ही रही थी कि
अपनी स्वतंत्रता के लिए शत्रु पर टूट पड़ो।’’ ऐसी गर्जना करते हुए वह अपने स्वदेश बंधुओं को अपने पीछे आने का आह्यन करने लगा। यह देखते ही सार्जेंट मेजर ह्यूसन ने सिपाहियों को मंगल पांडे को पकड़ने का आदेश दिया। परंतु अंग्रजों को आज तक मिले देशद्रोही सिपाही मंगल पांडे को पकड़ने नहीं हिला। और इधर मंगल पांडे की बंदूक से सन्-सन् करके निकली गोली ने उस ह्यूसन का शव तत्काल भूमि पर पटक दिया। यह गड़बड़ हो ही रही थी कि