1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

पर गोली चूक गई और वह तलवार निकाले, उसके पहले ही मंगल पांडे की तलवार का बार हुआ और बाॅ मिट्टी सूंघने लगा। इतने में मंगल पांडे पर उस पहलेवाले गोरे की हमले की तैयारी में बढ़ता देख पास के एक सिपाही ने बंदूक के दस्ते से उसका सिर फोड़ दिया और सारे सिपाहियों ने गर्जना की-‘मंगल पांडे को कोई हाथ न लगाए।’’ तभी कर्नल हृीलर वहां आया और मंगल पांडे को पकड़ने का आदेश देने लगा। ‘‘हम अपने आदरणीय ब्रह्यमण के बाल को भी नहीं छुएंगे’’,


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पर गोली चूक गई और वह तलवार निकाले, उसके पहले ही मंगल पांडे की तलवार का बार हुआ और बाॅ मिट्टी सूंघने लगा। इतने में मंगल पांडे पर उस पहलेवाले गोरे की हमले की तैयारी में बढ़ता देख पास के एक सिपाही ने बंदूक के दस्ते से उसका सिर फोड़ दिया और सारे सिपाहियों ने गर्जना की-‘मंगल पांडे को कोई हाथ न लगाए।’’ तभी कर्नल हृीलर वहां आया और मंगल पांडे को पकड़ने का आदेश देने लगा। ‘‘हम अपने आदरणीय ब्रह्यमण के बाल को भी नहीं छुएंगे’’,


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