1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

सिपाहियों की लाइन में एक ही गर्जना उठ रही थी-‘मारो फिरंगी को’। इस ध्वनि से सारा वातावरण भर गया।

सबसे पहले कारावास में पड़े धर्मवीरों की बेड़ियां तोड़ने सैकड़ों घुड़सवार उधर गए। उस कारावास के रक्षक भी क्रांतिपक्ष के ही थे, अतः ‘मारो फिरंगी की’ की रण-ध्वानि सुनते ही वे कारागृह छोड़कर अपने साथियों से मिल गए। दूसरे ही क्षण उस अभागे कारागृह की दीवारें ढहने लगी। दस वर्ष कठोर कारावास भोगने के लिए फिरंगियों द्वारा


436 of 2102

सिपाहियों की लाइन में एक ही गर्जना उठ रही थी-‘मारो फिरंगी को’। इस ध्वनि से सारा वातावरण भर गया।

सबसे पहले कारावास में पड़े धर्मवीरों की बेड़ियां तोड़ने सैकड़ों घुड़सवार उधर गए। उस कारावास के रक्षक भी क्रांतिपक्ष के ही थे, अतः ‘मारो फिरंगी की’ की रण-ध्वानि सुनते ही वे कारागृह छोड़कर अपने साथियों से मिल गए। दूसरे ही क्षण उस अभागे कारागृह की दीवारें ढहने लगी। दस वर्ष कठोर कारावास भोगने के लिए फिरंगियों द्वारा


436 of 2102