वह नाव का पुल उतरकर सिपाही दिल्ली की प्राचीर से भिड़ गए। यह भनक लगते ही दिल्ली में स्थित अंगे्रज अधिकारी नेटिव सिपाहियों को परेड पर बुलाकर उन्हें राजनिष्ठा के व्याख्यान देने लगे। फिर 54वीं पलटन को लेकर कर्तल रिप्ले विद्रोहियों का सामना करने निकला। 54 वीं पलटन के नेटिव सिपाहियों ने निकलते समय ही कहा किय कर्नल साहब, उन मेरठ के सिपाहियों को दिखाइए तो सही; फिर हम उन्हें देख लेंगे। क्या देख लेंगे, यह उस
वह नाव का पुल उतरकर सिपाही दिल्ली की प्राचीर से भिड़ गए। यह भनक लगते ही दिल्ली में स्थित अंगे्रज अधिकारी नेटिव सिपाहियों को परेड पर बुलाकर उन्हें राजनिष्ठा के व्याख्यान देने लगे। फिर 54वीं पलटन को लेकर कर्तल रिप्ले विद्रोहियों का सामना करने निकला। 54 वीं पलटन के नेटिव सिपाहियों ने निकलते समय ही कहा किय कर्नल साहब, उन मेरठ के सिपाहियों को दिखाइए तो सही; फिर हम उन्हें देख लेंगे। क्या देख लेंगे, यह उस