विद्रोहियों को अंदर कर लिया। कलकŸाा दरवाजे से अंदर घुसे सिपाही प्रथम दरियागंज के यूरोपीय बंगलों की ओर गए और वे भवन कुछ क्षणों में आग बन गए। जो विदेशी लोगों को आश्रय दिया हुआ है, यह ज्ञात हुआ। विलायती आदमियों को अंदर लेने के कारण दरियागंज के घरों को जो दंड मिला उसे देखने के बाद भी यह अस्पताल यदि विलायती लोगों को अंदर लेने का साहस करे तो किसी को भी गुस्सा आना स्वाभाविक है। उस अस्पताल की जमकर पिटाई करने
विद्रोहियों को अंदर कर लिया। कलकŸाा दरवाजे से अंदर घुसे सिपाही प्रथम दरियागंज के यूरोपीय बंगलों की ओर गए और वे भवन कुछ क्षणों में आग बन गए। जो विदेशी लोगों को आश्रय दिया हुआ है, यह ज्ञात हुआ। विलायती आदमियों को अंदर लेने के कारण दरियागंज के घरों को जो दंड मिला उसे देखने के बाद भी यह अस्पताल यदि विलायती लोगों को अंदर लेने का साहस करे तो किसी को भी गुस्सा आना स्वाभाविक है। उस अस्पताल की जमकर पिटाई करने