इसमें संदेह नहीं; क्योंकि यदि वे बारूदखाना स्वयं सौंप देते तो भी उनके प्राण सिपाही न लेते, इसपर उनका कोई भरोसा नहीं था। इधर सिपाही भी यह जानते हुए भी कि बारूदखाना उड़ाया जाएगा तो अपनी ओर की प्रचंड हानि होगी, टूट पड़े थे। इतने में दोनों ओर से लोग जिस भयानक आवाज की प्रतीक्षा में आशंकित थे वे हजारों तोपें एक साथ छूटने की जंगी आवाज हुई और उस बारूदखाने से आग की प्रचंड ज्वाला आकाश की ओर बढ़ गई। उन अंगे्रज वीरों
इसमें संदेह नहीं; क्योंकि यदि वे बारूदखाना स्वयं सौंप देते तो भी उनके प्राण सिपाही न लेते, इसपर उनका कोई भरोसा नहीं था। इधर सिपाही भी यह जानते हुए भी कि बारूदखाना उड़ाया जाएगा तो अपनी ओर की प्रचंड हानि होगी, टूट पड़े थे। इतने में दोनों ओर से लोग जिस भयानक आवाज की प्रतीक्षा में आशंकित थे वे हजारों तोपें एक साथ छूटने की जंगी आवाज हुई और उस बारूदखाने से आग की प्रचंड ज्वाला आकाश की ओर बढ़ गई। उन अंगे्रज वीरों