जब तक यह प्रचंड बारूदखाना अंगे्रजों के कब्जे में था तब तक मुख्य केंद्र के नेटिव सिपाही अपने अधिकारियों की अधीनता में थे। वे अपने स्वदेश बंधुओं पर हमला नहीं कर रहे थे, पर अंगे्रजों के विरूद्ध भी नहीं हुए थे। दोपहर चार बजे सारा दिल्ली शहर हिलानेवाले विस्फोट की आवाज सुनते ही वे केंटोनमेंट के सिपाही इकट्ठे हुए और ‘मारो फिरंगी को’ की गर्जना करते हुए अंगे्रजों पर टूट पड़े। मुख्य रक्षक गार्डन को किसी ने उड़ा
जब तक यह प्रचंड बारूदखाना अंगे्रजों के कब्जे में था तब तक मुख्य केंद्र के नेटिव सिपाही अपने अधिकारियों की अधीनता में थे। वे अपने स्वदेश बंधुओं पर हमला नहीं कर रहे थे, पर अंगे्रजों के विरूद्ध भी नहीं हुए थे। दोपहर चार बजे सारा दिल्ली शहर हिलानेवाले विस्फोट की आवाज सुनते ही वे केंटोनमेंट के सिपाही इकट्ठे हुए और ‘मारो फिरंगी को’ की गर्जना करते हुए अंगे्रजों पर टूट पड़े। मुख्य रक्षक गार्डन को किसी ने उड़ा