दिया। स्मिथ और रेहृले को मार डाला और गोरा रंग देखते ही ‘टूट पडो़-मार डालो’ की ध्वनि होने लगी। एक शतक के बाद जाग्रत हुआ राष्ट्र-क्षोभ अपने उग्र जबड़े के नीचे पुरूष, महिलाएं, बच्चे, घर, दरवाजे, पत्थर, ईंट, घड़ियां, मेज-कुरसियां, रक्त, मांस, अस्थियां-जिन-जिन चीजों को फिरंगी स्पर्श हुआ था सब पर क्रांतिकारियों का आक्रोश टूटा। उस सारी सचेतन दिल्ली के बादशाह का बहुत सख्त आदेश हो जाने के बाद ही बहुत से अंगे्रज
दिया। स्मिथ और रेहृले को मार डाला और गोरा रंग देखते ही ‘टूट पडो़-मार डालो’ की ध्वनि होने लगी। एक शतक के बाद जाग्रत हुआ राष्ट्र-क्षोभ अपने उग्र जबड़े के नीचे पुरूष, महिलाएं, बच्चे, घर, दरवाजे, पत्थर, ईंट, घड़ियां, मेज-कुरसियां, रक्त, मांस, अस्थियां-जिन-जिन चीजों को फिरंगी स्पर्श हुआ था सब पर क्रांतिकारियों का आक्रोश टूटा। उस सारी सचेतन दिल्ली के बादशाह का बहुत सख्त आदेश हो जाने के बाद ही बहुत से अंगे्रज