पांच दिनों में क्रांति पक्ष में नेताओं को जो अपूर्व
1857 का स्वातंत्र्य समर - 113
सफलता मिली, उसका मूल कारण था अंगे्रजों की गुलामी से छुटने की उत्कट इच्छा का सारी जनता में पैदा होना। मेरठ की महिलाओं से दिल्ली के बादशाह तक सबके हृदय में स्वतंत्रता और स्वधर्म-रक्षण की अनिवार्य इच्छा प्रादुर्भूत होने से और उस इच्छा को गुप्त संगठन के द्वारा पहले से ही व्यवस्था प्राप्त हो जाने से केवल पांच दिन के अंदर
पांच दिनों में क्रांति पक्ष में नेताओं को जो अपूर्व
1857 का स्वातंत्र्य समर - 113
सफलता मिली, उसका मूल कारण था अंगे्रजों की गुलामी से छुटने की उत्कट इच्छा का सारी जनता में पैदा होना। मेरठ की महिलाओं से दिल्ली के बादशाह तक सबके हृदय में स्वतंत्रता और स्वधर्म-रक्षण की अनिवार्य इच्छा प्रादुर्भूत होने से और उस इच्छा को गुप्त संगठन के द्वारा पहले से ही व्यवस्था प्राप्त हो जाने से केवल पांच दिन के अंदर