ऐसा संकट न आया था। अंगे्रजों की शक्ति की बंद मुट्ठी लाख की होते हुए भी अंदर की स्थिति शोचनीय थी। अॅन्सन को किसी
1857 का स्वातंत्र्य समर - 117
तरह भी जल्दी करना असंभव हो गया। अंगे्रजों के काले सिपाहियों को ‘चल’ कहते ही चलाया जा सकता था, परंतु अब गोरे सिपाहियों को केवल ‘चल’ कहने से कैसे चलेगा? उनका एक-एक का दिमाग और आज तक बढ़ता मिजाज अब एकाएक कैसे संभले। उसमें भी अब नेटिवों से पहले जेसी हर तरह की
ऐसा संकट न आया था। अंगे्रजों की शक्ति की बंद मुट्ठी लाख की होते हुए भी अंदर की स्थिति शोचनीय थी। अॅन्सन को किसी
1857 का स्वातंत्र्य समर - 117
तरह भी जल्दी करना असंभव हो गया। अंगे्रजों के काले सिपाहियों को ‘चल’ कहते ही चलाया जा सकता था, परंतु अब गोरे सिपाहियों को केवल ‘चल’ कहने से कैसे चलेगा? उनका एक-एक का दिमाग और आज तक बढ़ता मिजाज अब एकाएक कैसे संभले। उसमें भी अब नेटिवों से पहले जेसी हर तरह की