क्योंकि-श्छंजपअमे व िंसस बसंेेमे ेजववक ंसववएि ूंपजपदह ंदक ूंजपबीपदह जीम पेेनम व िमअमदजेण् थ्तवउ जीम बंचपजंसपेजे जव जीम बववसपम ंस ेीतनदा ंसपाम तिवउ तमदकमतपदह ंेेपेंजंदबम जव जीवेम ूीवेम चवूमत उपहीज इम ेूमचज ंूंल पद ं कंलण्श्
उपर्युक्त लेखक कहता है, हिंदुस्थान के नेटिव ऐसे ही चुप हो बैठते तो अंगे्रजी सŸाा वास्तव में एक दिन में फेंक दी गई होती। परंतु सन् 1857 में वह दिन उगनेवाला नहीं था। सन् 1857 उस
क्योंकि-श्छंजपअमे व िंसस बसंेेमे ेजववक ंसववएि ूंपजपदह ंदक ूंजपबीपदह जीम पेेनम व िमअमदजेण् थ्तवउ जीम बंचपजंसपेजे जव जीम बववसपम ंस ेीतनदा ंसपाम तिवउ तमदकमतपदह ंेेपेंजंदबम जव जीवेम ूीवेम चवूमत उपहीज इम ेूमचज ंूंल पद ं कंलण्श्
उपर्युक्त लेखक कहता है, हिंदुस्थान के नेटिव ऐसे ही चुप हो बैठते तो अंगे्रजी सŸाा वास्तव में एक दिन में फेंक दी गई होती। परंतु सन् 1857 में वह दिन उगनेवाला नहीं था। सन् 1857 उस