मरने के पहले अपना जीवन किसी तरह सार्थक कर जाऊं ऐसी उदाŸा स्फूर्ति से उस 11वीं रेजिमेंट के सिपाही ने अंगे्रजों के हाथों तोप पड़ेगी, यह जानते ही जान-बुझकर तोप और बारूदखाने में बंदूक चलाई। उसके जगी धमाके में कैप्टन एंड्रयूज और उसके सारे साथी जलकर सिरकमल अर्पित करने के बाद उस देशवीर ने अपना भी सिरकलम उसकी सेवा में जिस तरह अंगे्रज इतिहासकार रम जाते हैं, वैसे ही केवल राष्ट्र-कार्य के लिए प्राण निछावर करनेवाले
मरने के पहले अपना जीवन किसी तरह सार्थक कर जाऊं ऐसी उदाŸा स्फूर्ति से उस 11वीं रेजिमेंट के सिपाही ने अंगे्रजों के हाथों तोप पड़ेगी, यह जानते ही जान-बुझकर तोप और बारूदखाने में बंदूक चलाई। उसके जगी धमाके में कैप्टन एंड्रयूज और उसके सारे साथी जलकर सिरकमल अर्पित करने के बाद उस देशवीर ने अपना भी सिरकलम उसकी सेवा में जिस तरह अंगे्रज इतिहासकार रम जाते हैं, वैसे ही केवल राष्ट्र-कार्य के लिए प्राण निछावर करनेवाले