सिखों और जाटों में मुसलमानों के प्रति द्वेष अधिक-से-अधिक भड़का देने का कार्य शुरू किया। सिख लोगों में मान्य एक पुराने भविष्य कथन का उन्हें स्मरण कराया गया। पहले मुगल बादशाह ने जहां अपने गुरू को मार डाला था उसी दिल्ली पर ‘खालसा साहब’ एक बार हमला कर उसे धूल में मिला देनेवाले हैं, ऐसा भविष्य संदेश हर सिख को दिया गया था। उस भविष्य कथन की पूर्णता का ‘कंपनी साहब’ को क्या लाभ? बहादुरशाह के स्थान पर कोई रणजीत
सिखों और जाटों में मुसलमानों के प्रति द्वेष अधिक-से-अधिक भड़का देने का कार्य शुरू किया। सिख लोगों में मान्य एक पुराने भविष्य कथन का उन्हें स्मरण कराया गया। पहले मुगल बादशाह ने जहां अपने गुरू को मार डाला था उसी दिल्ली पर ‘खालसा साहब’ एक बार हमला कर उसे धूल में मिला देनेवाले हैं, ऐसा भविष्य संदेश हर सिख को दिया गया था। उस भविष्य कथन की पूर्णता का ‘कंपनी साहब’ को क्या लाभ? बहादुरशाह के स्थान पर कोई रणजीत