सिंह दिल्ली पर राज्य करने लगेगा? हिंदुस्थान में रणजीत सिंह और बहादुरशाह दोनों ही न हों, इस हेतु जो प्रयास कर रहे थे उनको एकांगी भविष्य में कुछ संशोधन करना आवश्यक और सहज था। संशोधन करके जारी किए गए भविष्य के नए संस्करण में ऐसा लिखा हुआ था कि दिलल्ी मिट्टी में तब ही मिलेगी जब खालसा साहब और कंपनी साहब एक होंगे। भविष्य तो भविष्य ही है। एक बात बुरी है, वह यह कि आज के भविष्य कल भूत हो जाते हैं। पर कम-से-कम
सिंह दिल्ली पर राज्य करने लगेगा? हिंदुस्थान में रणजीत सिंह और बहादुरशाह दोनों ही न हों, इस हेतु जो प्रयास कर रहे थे उनको एकांगी भविष्य में कुछ संशोधन करना आवश्यक और सहज था। संशोधन करके जारी किए गए भविष्य के नए संस्करण में ऐसा लिखा हुआ था कि दिलल्ी मिट्टी में तब ही मिलेगी जब खालसा साहब और कंपनी साहब एक होंगे। भविष्य तो भविष्य ही है। एक बात बुरी है, वह यह कि आज के भविष्य कल भूत हो जाते हैं। पर कम-से-कम