इसकी पूछताछ करते यहां-वहां घूमने लगे। परंतु मेरठ के तार से चेते हुए यूरोपियन पहले ही बैरकों के पीछे जाकर सुरक्षित बैठे थे। सिपाहियों का पीछा करने जो अंगे्रजी सेना भेजी गई थी वह, जो साकने आया उसे मारते और अपनी क्रूरता पर घमंड करते हुए लौट आई।
पंजाब में अंगे्रजों की सŸाा को जैसे अंदरूनी असंतोष का डर था वैसे ही उसे सरहद पार के अफगानी डकैतों का भी डर था। सन् 1857 के क्रांतियुद्ध की गुप्त चर्चा के समय
इसकी पूछताछ करते यहां-वहां घूमने लगे। परंतु मेरठ के तार से चेते हुए यूरोपियन पहले ही बैरकों के पीछे जाकर सुरक्षित बैठे थे। सिपाहियों का पीछा करने जो अंगे्रजी सेना भेजी गई थी वह, जो साकने आया उसे मारते और अपनी क्रूरता पर घमंड करते हुए लौट आई।
पंजाब में अंगे्रजों की सŸाा को जैसे अंदरूनी असंतोष का डर था वैसे ही उसे सरहद पार के अफगानी डकैतों का भी डर था। सन् 1857 के क्रांतियुद्ध की गुप्त चर्चा के समय