की नेटिव सेना को निःशस्त्र करने के बाद पंजाब सरकार को होती-मर्दानी में रखी 55वीं नेटिव रेंजिमेंट की ओर देखने की फुरसत मिली। यह 55वीं नेटिव
1857 का स्वातंत्र्य समर - 130
रेजिमेंट विद्रोही हो गई है, इस संबंध में सरकार को विश्वास हो गया था। परंतु उन सिपाहियों के मुख्य सैनिक अधिकारी कर्नल स्पाॅटिस वुड को सरकार के इस संदेह पर बहुत खेद हुआ।
हमारे सिपाही सरकार से कभी भी बेईमानी नहीं करेेंगे, यह वह जी तोड़कर कहता रहा,
की नेटिव सेना को निःशस्त्र करने के बाद पंजाब सरकार को होती-मर्दानी में रखी 55वीं नेटिव रेंजिमेंट की ओर देखने की फुरसत मिली। यह 55वीं नेटिव
1857 का स्वातंत्र्य समर - 130
रेजिमेंट विद्रोही हो गई है, इस संबंध में सरकार को विश्वास हो गया था। परंतु उन सिपाहियों के मुख्य सैनिक अधिकारी कर्नल स्पाॅटिस वुड को सरकार के इस संदेह पर बहुत खेद हुआ।
हमारे सिपाही सरकार से कभी भी बेईमानी नहीं करेेंगे, यह वह जी तोड़कर कहता रहा,