कार्य देखते बैठने की अपेक्षा कर्नल स्पाॅटिस वुड ने अपने कमरे में जाकर आत्महत्या कर ली। यह समाचार 55वीं रेजिमेंट को ज्ञात होते ही उसने खजाने पर हमला किया और अपने-अपने शस्त्र, निशान और वह खजाना लेकर वे सारे सिपाही फिरंगियों की गुलामी को लात-मारकर आगे चले। परंतु होती-मर्दान से दिल्ली कोई पास नहीं थी। सारा पंजाब यूरोपियनों की सुसज्ज सेना से अटा पड़ा था और यूरोपियन सेना पिछाड़ी पर टूटी पड़ रही थी। ऐसी स्थिति
कार्य देखते बैठने की अपेक्षा कर्नल स्पाॅटिस वुड ने अपने कमरे में जाकर आत्महत्या कर ली। यह समाचार 55वीं रेजिमेंट को ज्ञात होते ही उसने खजाने पर हमला किया और अपने-अपने शस्त्र, निशान और वह खजाना लेकर वे सारे सिपाही फिरंगियों की गुलामी को लात-मारकर आगे चले। परंतु होती-मर्दान से दिल्ली कोई पास नहीं थी। सारा पंजाब यूरोपियनों की सुसज्ज सेना से अटा पड़ा था और यूरोपियन सेना पिछाड़ी पर टूटी पड़ रही थी। ऐसी स्थिति