मुसलमान बनाया जाने लगा। तब वे अभागे सिपाही यह सोचकर कि अपने हिंदुत्व की रक्षा करने में कश्मीर का हिंदू राजा समर्थ होगा, आश्रय पाने, धर्म-रक्षण करने एवं देश-सेवा करने गुलाब सिंह के प्रदेश की ओर चल पड़े। रास्ता पथरीला, वहां अन्न नहीं, वस्त्र नहीं, विश्राम नहीं-ऐसे संकटों और कठिनाइयों से जूझते वे सैकड़ों हिंदू सिपाही-अपने धर्म का आज तीनों लोकों में कोई त्राता नहीं, इस दुःख के अश्रु बहाते कश्मीर की ओर बढ़ रहे थे,
मुसलमान बनाया जाने लगा। तब वे अभागे सिपाही यह सोचकर कि अपने हिंदुत्व की रक्षा करने में कश्मीर का हिंदू राजा समर्थ होगा, आश्रय पाने, धर्म-रक्षण करने एवं देश-सेवा करने गुलाब सिंह के प्रदेश की ओर चल पड़े। रास्ता पथरीला, वहां अन्न नहीं, वस्त्र नहीं, विश्राम नहीं-ऐसे संकटों और कठिनाइयों से जूझते वे सैकड़ों हिंदू सिपाही-अपने धर्म का आज तीनों लोकों में कोई त्राता नहीं, इस दुःख के अश्रु बहाते कश्मीर की ओर बढ़ रहे थे,