में भी उन हिंदू वीरों ने अपना वीरत्व नहीं त्यागा। क्योंकि फांसी या तोप के प्रश्न के उŸार में वे अटल होकर उŸार देते-‘‘कुŸो फांसी पर नहीं मरेंगे-हमें तो तोप से उड़ाया जाना ही इष्ट है।’’
घोर जंगली आदमी से लज्जित हो जाए, ऐसी क्रूरता से उपर्युक्त शूरवीरों को काट डालने के लिए अंगे्रजी इतिहासकार कहते हैं-‘‘यह दंड क्रूरतम था, इसमें कोई शंका नहीं; परंतु उस समय की क्रूरता ही सर्वकालीन भूतदया है। भूतदया के लिए
में भी उन हिंदू वीरों ने अपना वीरत्व नहीं त्यागा। क्योंकि फांसी या तोप के प्रश्न के उŸार में वे अटल होकर उŸार देते-‘‘कुŸो फांसी पर नहीं मरेंगे-हमें तो तोप से उड़ाया जाना ही इष्ट है।’’
घोर जंगली आदमी से लज्जित हो जाए, ऐसी क्रूरता से उपर्युक्त शूरवीरों को काट डालने के लिए अंगे्रजी इतिहासकार कहते हैं-‘‘यह दंड क्रूरतम था, इसमें कोई शंका नहीं; परंतु उस समय की क्रूरता ही सर्वकालीन भूतदया है। भूतदया के लिए