ही वह क्रूरता करना इष्ट था।’’ अंगे्रजी इतिहासकारों, तुम अपने ये बोल ध्यान में रखना, अच्छा! ‘‘घड़ी भर की क्रूरता में सदैव के लिए मानवता का मंगल निहित था।’’ इस वाक्य का जो अर्थ तुम अभी कर रहे हो वैसा ही वह तुम्हें क्या और थोड़ी देर बाद भी स्मरण रहेगा? सार्वकालिक भूतदया के लिए यह तात्कालिक क्रूरता कर रहे हो वह तो ठीक है, पर उधर कानपुर में हिंदुओं का नाना साहब बैठा हुआ है, यह भी थोड़ा ध्यान में रखना।
यहां
ही वह क्रूरता करना इष्ट था।’’ अंगे्रजी इतिहासकारों, तुम अपने ये बोल ध्यान में रखना, अच्छा! ‘‘घड़ी भर की क्रूरता में सदैव के लिए मानवता का मंगल निहित था।’’ इस वाक्य का जो अर्थ तुम अभी कर रहे हो वैसा ही वह तुम्हें क्या और थोड़ी देर बाद भी स्मरण रहेगा? सार्वकालिक भूतदया के लिए यह तात्कालिक क्रूरता कर रहे हो वह तो ठीक है, पर उधर कानपुर में हिंदुओं का नाना साहब बैठा हुआ है, यह भी थोड़ा ध्यान में रखना।
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