एक बात और कहनी चाहिए कि क्रांतिकारियों द्वारा की गई मार-काट का वर्णन जो अंगे्रजी इतिहासकार कमाल की नाटकीयता से करते हैं वे ही (अंगे्रजी इतिहासकार) अंगे्रजों द्वारा किए गए अक्षम्य, अनन्वित एवं अमानुषिक अत्याचारों को जान-बुझकर छिपाने का प्रयास करने लगते हैं। उपर्युक्त दुदैंवग्रस्त परंतु स्वाभिमानी रेजिमेंट का कत्लेआम जब चल रहा था तब उनके मृत्यु पूर्व तक अंगे्रजों के राक्षसी
1857 का स्वातंत्र्य समर - 132
एक बात और कहनी चाहिए कि क्रांतिकारियों द्वारा की गई मार-काट का वर्णन जो अंगे्रजी इतिहासकार कमाल की नाटकीयता से करते हैं वे ही (अंगे्रजी इतिहासकार) अंगे्रजों द्वारा किए गए अक्षम्य, अनन्वित एवं अमानुषिक अत्याचारों को जान-बुझकर छिपाने का प्रयास करने लगते हैं। उपर्युक्त दुदैंवग्रस्त परंतु स्वाभिमानी रेजिमेंट का कत्लेआम जब चल रहा था तब उनके मृत्यु पूर्व तक अंगे्रजों के राक्षसी
1857 का स्वातंत्र्य समर - 132