1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

की ओर ऐसी अमानवीय घटनाएं हो रही थी और इधर जालंधर की ओर विद्रोह की आग चेत रही थी। पंजाब में जाॅन लाॅरंेस नेटिव सिपाहियों को लगातार सपाटे से निःशस्त्र करता जा रहा था और उसी सपाटे में अब तक जालंधर और फिल्लौर भी पड़ जानेवाला था। परंतु फिल्लौर के नेटिव सिपाहियों ने जो आत्मसंयम और घटना चातुर्य दिखाया वह वास्तव में बड़ी चालाकी का था। पंजाब में सारे नेटिव सिपाहियों की जैसी एकदम उठने की तैयारी हुई थी वैसी ही


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की ओर ऐसी अमानवीय घटनाएं हो रही थी और इधर जालंधर की ओर विद्रोह की आग चेत रही थी। पंजाब में जाॅन लाॅरंेस नेटिव सिपाहियों को लगातार सपाटे से निःशस्त्र करता जा रहा था और उसी सपाटे में अब तक जालंधर और फिल्लौर भी पड़ जानेवाला था। परंतु फिल्लौर के नेटिव सिपाहियों ने जो आत्मसंयम और घटना चातुर्य दिखाया वह वास्तव में बड़ी चालाकी का था। पंजाब में सारे नेटिव सिपाहियों की जैसी एकदम उठने की तैयारी हुई थी वैसी ही


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