जालंधर-दोआब में भी नेटिव सिपाहियों की जैसी एकदम उठने की तैयारी हुई थी वैसी ही जालंधर-दोआब में भी नेटिव सिपाहियों की थी। दिल्ली जीतते समय उस लड़ाई में घायल पड़े एक देशभक्त हवलदार ने स्पष्ट कहा है और सरकारी रिपोर्ट में यही मान्य है कि सारे जालंधर-दोआब भर में एकाएक विद्रोह करने का पक्का निर्णय हो चुका था। जालंधर की सेना ने एक टुकड़ी होशियारपुर भेजी और यह संदेश भी कि वहां 33वीं पैदल रेजिमेंट विद्रोह करे और
जालंधर-दोआब में भी नेटिव सिपाहियों की जैसी एकदम उठने की तैयारी हुई थी वैसी ही जालंधर-दोआब में भी नेटिव सिपाहियों की थी। दिल्ली जीतते समय उस लड़ाई में घायल पड़े एक देशभक्त हवलदार ने स्पष्ट कहा है और सरकारी रिपोर्ट में यही मान्य है कि सारे जालंधर-दोआब भर में एकाएक विद्रोह करने का पक्का निर्णय हो चुका था। जालंधर की सेना ने एक टुकड़ी होशियारपुर भेजी और यह संदेश भी कि वहां 33वीं पैदल रेजिमेंट विद्रोह करे और