वह न हो सके तो 33वीं पैदल रेजिमेंट वहीं रहे। (उसी तरह वे रहे भी) बाद में उन सब लोगों के फिल्लौर की ओर आते ही फिल्लौर की तीसरी रेजिमेंट विद्रोह करे और फिर सब मिलकर दिल्ली की ओर चलें। अन्य स्थानों पर भी ऐसी ही योजनाएं चल रही थीं। परंतु उसपर कार्यवाही का समय आने के पहले ही सब बात फूटने से अंगे्रज सावधान हो जाते। हां, फिल्लौर के रेजिमेंट ने अंत तक आश्चर्यजनक गोपनीयता बनाए रखी। दिल्ली के लिए जब सीजट्रेन
वह न हो सके तो 33वीं पैदल रेजिमेंट वहीं रहे। (उसी तरह वे रहे भी) बाद में उन सब लोगों के फिल्लौर की ओर आते ही फिल्लौर की तीसरी रेजिमेंट विद्रोह करे और फिर सब मिलकर दिल्ली की ओर चलें। अन्य स्थानों पर भी ऐसी ही योजनाएं चल रही थीं। परंतु उसपर कार्यवाही का समय आने के पहले ही सब बात फूटने से अंगे्रज सावधान हो जाते। हां, फिल्लौर के रेजिमेंट ने अंत तक आश्चर्यजनक गोपनीयता बनाए रखी। दिल्ली के लिए जब सीजट्रेन