ले जाई गई उस समय उसके टुकड़े कर देना। उनके हाथ में था। परंतु इससे सारी योजना ही न फूट जाए, इसलिए इस रेजिमेंट ने अंत तक ऊपरी शांति बनाए रखकर कमाल किया। आखिर में 9 जून को जालंधर की ओर पक्की सूचना दी गई-क्वींस रेजिमेंट के कर्नल के बंगले को आग लगाई गई। यह संकेत होते ही आधी रात को जालंधर के सिपाहियों का विद्रोह इतना अचूक और तेजी से हुआ कि उनकी कर्कश रणध्वनि होते ही अंगे्रजों का साहस टूट गया। अंगे्रज महिला,
ले जाई गई उस समय उसके टुकड़े कर देना। उनके हाथ में था। परंतु इससे सारी योजना ही न फूट जाए, इसलिए इस रेजिमेंट ने अंत तक ऊपरी शांति बनाए रखकर कमाल किया। आखिर में 9 जून को जालंधर की ओर पक्की सूचना दी गई-क्वींस रेजिमेंट के कर्नल के बंगले को आग लगाई गई। यह संकेत होते ही आधी रात को जालंधर के सिपाहियों का विद्रोह इतना अचूक और तेजी से हुआ कि उनकी कर्कश रणध्वनि होते ही अंगे्रजों का साहस टूट गया। अंगे्रज महिला,