1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

चल रहा था। तभी उस रेजिमेंट के तीन सिपाहियों ने अंगे्रजों को यह समाचार देकर उस ब्राह्यण को कैद कर लियां तत्काल बुलंदशहर से उस ब्राह्यण को रेजिमेंट के मुख्य थाने की ओर रवाना किया गया और उन सब सिपाहियों के सामने फांसी पर लटकाने का दंड दिया गया। यह घटना जब अलीगढ़ में घटित हो रही थी, तभी इधर बुलंदशहर के उन तीन राजनिष्ठों पर सब ओर से थू-थू होने लगी।

उनपर गालियों की बौछार करते हुए बुलंदशहर का सारा लश्कर


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चल रहा था। तभी उस रेजिमेंट के तीन सिपाहियों ने अंगे्रजों को यह समाचार देकर उस ब्राह्यण को कैद कर लियां तत्काल बुलंदशहर से उस ब्राह्यण को रेजिमेंट के मुख्य थाने की ओर रवाना किया गया और उन सब सिपाहियों के सामने फांसी पर लटकाने का दंड दिया गया। यह घटना जब अलीगढ़ में घटित हो रही थी, तभी इधर बुलंदशहर के उन तीन राजनिष्ठों पर सब ओर से थू-थू होने लगी।

उनपर गालियों की बौछार करते हुए बुलंदशहर का सारा लश्कर


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