1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

चिंगारी को उन हजारों सिपाहियों के हृदय में घुसने में उतना भी समय नहीं लगा। उन्होंने अपनी तलवारें बाहर निकालीं और ‘फिरंगियों का नाश हो’ की गर्जना करते क्रोध से पगलाए वे हजारों नाचने लगे।

इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि यह देखते ही अंगे्रज कर्मचारी भयभीत हो गये। राजनिष्ठ 9वीं रेजिमेंट विद्रोह कर उठी। इतना ही नहीं, उसने अंगे्रजों को सूचित किया कि अपने प्राण बचाने हों तो तत्काल अलीगढ़ छोड़ दें। इस उदारता का लाभ लेकर अलीगढ़ के सारे अंगे्रज अधिकारी,


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चिंगारी को उन हजारों सिपाहियों के हृदय में घुसने में उतना भी समय नहीं लगा। उन्होंने अपनी तलवारें बाहर निकालीं और ‘फिरंगियों का नाश हो’ की गर्जना करते क्रोध से पगलाए वे हजारों नाचने लगे।

इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि यह देखते ही अंगे्रज कर्मचारी भयभीत हो गये। राजनिष्ठ 9वीं रेजिमेंट विद्रोह कर उठी। इतना ही नहीं, उसने अंगे्रजों को सूचित किया कि अपने प्राण बचाने हों तो तत्काल अलीगढ़ छोड़ दें। इस उदारता का लाभ लेकर अलीगढ़ के सारे अंगे्रज अधिकारी,


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