उनकी पत्नियां, बच्चे, लेडी आउटॅरम आदि सारे-के-सारे अंगे्रज चुपचाप उस शहर से निकल गए। रात बारह बजे तक अलीगढ़ में
1857 का स्वातंत्र्य समर - 141
अंगे्रजी सŸाा का नामोनिशान न रहा।
अलीगढ़ स्वतंत्र हो जाने का समाचार 22 मई की शाम को मैनपुरी पहुंचा। मैनपुरी में 9वीं रेजिमेंट का कुछ हिस्सा रहता था, यह पहले ही बताया जा चुका है। उन सिपाहियों के मन में क्या था, यह अलीगढ़ की ओर से बंधुओं के समाचारों से स्पष्ट
उनकी पत्नियां, बच्चे, लेडी आउटॅरम आदि सारे-के-सारे अंगे्रज चुपचाप उस शहर से निकल गए। रात बारह बजे तक अलीगढ़ में
1857 का स्वातंत्र्य समर - 141
अंगे्रजी सŸाा का नामोनिशान न रहा।
अलीगढ़ स्वतंत्र हो जाने का समाचार 22 मई की शाम को मैनपुरी पहुंचा। मैनपुरी में 9वीं रेजिमेंट का कुछ हिस्सा रहता था, यह पहले ही बताया जा चुका है। उन सिपाहियों के मन में क्या था, यह अलीगढ़ की ओर से बंधुओं के समाचारों से स्पष्ट