1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

दिल्ली का सारा नेटिव लश्कर विद्रोह कर दे, फिर भी वे विद्रोह नहीं करेंगे-जिसपर यह विश्वास सरकार का था वहीं रेजिमेंट कोई और नहीं उठा, उससे पहले तलवार निकालकर उठ खड़ी हुई। यह सब समाचार मिलने के बाद अंगे्रजों को अपने जीवन का तनिक भी भरोसा नहीं रह गया था।

अजमेर से कोई छह कोस पर नसीराबाद नाम का गांव है। वहां अंगे्रज सिपाहियों की छावनी थी और वहां 30वीं नेटिव पैदल रेजिमेंट, नेटिव तोपखाना, पहली बंबई लांसर


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दिल्ली का सारा नेटिव लश्कर विद्रोह कर दे, फिर भी वे विद्रोह नहीं करेंगे-जिसपर यह विश्वास सरकार का था वहीं रेजिमेंट कोई और नहीं उठा, उससे पहले तलवार निकालकर उठ खड़ी हुई। यह सब समाचार मिलने के बाद अंगे्रजों को अपने जीवन का तनिक भी भरोसा नहीं रह गया था।

अजमेर से कोई छह कोस पर नसीराबाद नाम का गांव है। वहां अंगे्रज सिपाहियों की छावनी थी और वहां 30वीं नेटिव पैदल रेजिमेंट, नेटिव तोपखाना, पहली बंबई लांसर


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