में स्थापित स्वकीय सिंहासन की ओर से हिंदुस्थान का स्वातंन्न्य ध्वज थामे रखने के लिए रूहेलखंड के लोगों के लिए आग्रहपूर्ण और एक आवश्यक निमत्रंण आया हुआ है। अब इस निमत्रंण-पत्रिका को ठुकराना है क्या?
‘‘दिल्ली के फौजी बहादूरों की ओर से बरेली के फौजी बहादुरों को पे्रमालिंगन! भाई, दिल्ली में अंगे्रजों से लड़ाई हो रही है। परमेश्वर की कृपा से अपनी एक पराजय भी उनकी दस पराजय के बराबर हानि कर रही है। अनगिनत
में स्थापित स्वकीय सिंहासन की ओर से हिंदुस्थान का स्वातंन्न्य ध्वज थामे रखने के लिए रूहेलखंड के लोगों के लिए आग्रहपूर्ण और एक आवश्यक निमत्रंण आया हुआ है। अब इस निमत्रंण-पत्रिका को ठुकराना है क्या?
‘‘दिल्ली के फौजी बहादूरों की ओर से बरेली के फौजी बहादुरों को पे्रमालिंगन! भाई, दिल्ली में अंगे्रजों से लड़ाई हो रही है। परमेश्वर की कृपा से अपनी एक पराजय भी उनकी दस पराजय के बराबर हानि कर रही है। अनगिनत