1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

उधर यह कहा जाता था। सरकार का भी उसपर वैसा ही विश्वास था और बरेली के सारे गुप्त षड्यंत्रों का प्राण भी यही था।

बरेली स्थित सारे नेटिव सिपाही और रूहेलखंड की स्वतंत्रता-प्रेमी जनता से इस निमंत्रण पत्र द्वारा जल्दी दिल्ली आने का आग्रह यद्यपि किया गया था, तब भी पहले से निश्चित 31 मई के दिन की राह में बरेली के सारे सिपाही अंग्रेजों के लश्करी आदेशों का पालन पूरी तरह करते हुए अपने-अपने काम कर रहे थे। इस


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उधर यह कहा जाता था। सरकार का भी उसपर वैसा ही विश्वास था और बरेली के सारे गुप्त षड्यंत्रों का प्राण भी यही था।

बरेली स्थित सारे नेटिव सिपाही और रूहेलखंड की स्वतंत्रता-प्रेमी जनता से इस निमंत्रण पत्र द्वारा जल्दी दिल्ली आने का आग्रह यद्यपि किया गया था, तब भी पहले से निश्चित 31 मई के दिन की राह में बरेली के सारे सिपाही अंग्रेजों के लश्करी आदेशों का पालन पूरी तरह करते हुए अपने-अपने काम कर रहे थे। इस


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