फांसी का दंड सुनाया गया और उन छह यूरोपियन लोगों को तुरंत फांसी पर चढ़ा दिया गया। तुरंत ही खानबहादुर के आदेश से एक विज्ञापन छापा गया कि यूरोपियन कमिश्नर भाग गया है। उसे जो पकड़कर लाएगा या उसका सिर काट लाएगा, उसे एक हजार रूपए का पुरस्कार सरकार के खजाने से दिया जाएगा। इस तरह यूरोपियन रक्त और मांस से अपना सिंहासन पक्का जमाने के बाद खानबहादुर ने सारा रूहेलखंड स्वतंत्र होने का समाचार दिल्ली भेजा। उस दिन विद्रोह
फांसी का दंड सुनाया गया और उन छह यूरोपियन लोगों को तुरंत फांसी पर चढ़ा दिया गया। तुरंत ही खानबहादुर के आदेश से एक विज्ञापन छापा गया कि यूरोपियन कमिश्नर भाग गया है। उसे जो पकड़कर लाएगा या उसका सिर काट लाएगा, उसे एक हजार रूपए का पुरस्कार सरकार के खजाने से दिया जाएगा। इस तरह यूरोपियन रक्त और मांस से अपना सिंहासन पक्का जमाने के बाद खानबहादुर ने सारा रूहेलखंड स्वतंत्र होने का समाचार दिल्ली भेजा। उस दिन विद्रोह