31 मई उदय हुई । उस प्रांत के सिपाहियों ने विद्रोह की सूचना देने के लिए बनारस में बैरकों को ही आग लगा दी। अतः जून के पहले हफ्ते में विद्रोह हो जाना है। आज 3 जून है। यह मुहूर्त कोई बुरा नहीं है; क्योंकि गोपालपुर में आ रहे खजाने में आजमगढ़ का खजाना मिलाकर 7 लाख रूपयों का खजाना बनारस की ओर जा रहा है। इससे उŸाम मुहूर्त कौन सा होगा।
तारीख 3 जून क संध्या काल की प्रभा रात्रि में विलीन हो रही थी। सारे गोरे
31 मई उदय हुई । उस प्रांत के सिपाहियों ने विद्रोह की सूचना देने के लिए बनारस में बैरकों को ही आग लगा दी। अतः जून के पहले हफ्ते में विद्रोह हो जाना है। आज 3 जून है। यह मुहूर्त कोई बुरा नहीं है; क्योंकि गोपालपुर में आ रहे खजाने में आजमगढ़ का खजाना मिलाकर 7 लाख रूपयों का खजाना बनारस की ओर जा रहा है। इससे उŸाम मुहूर्त कौन सा होगा।
तारीख 3 जून क संध्या काल की प्रभा रात्रि में विलीन हो रही थी। सारे गोरे