1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

शीर्षक दिया। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी ने उसे ‘1587 का विद्रोह’ कहा। भारत सरकार ने विवाद से बचने के लिए इतिहासकार एस.एन. सेन द्वारा


20

लिखित पुस्तक में केवल ‘1587’ जैसा नपुंसक शीर्षक अपनाया। पर, दो वर्ष बाद ही सन् 1959 में मास्को से सोवियत संघ ने अमेरिका के एक दैनिक पत्र ‘न्यूयाॅर्क डेली ट्रिब्यून’ में कार्ल माक्र्स एवं फ्रेडरिक एंगिल्स द्वारा 1857 की क्रांति पर लेखों का एक संकलन प्रकाशित किया और


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शीर्षक दिया। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी ने उसे ‘1587 का विद्रोह’ कहा। भारत सरकार ने विवाद से बचने के लिए इतिहासकार एस.एन. सेन द्वारा


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लिखित पुस्तक में केवल ‘1587’ जैसा नपुंसक शीर्षक अपनाया। पर, दो वर्ष बाद ही सन् 1959 में मास्को से सोवियत संघ ने अमेरिका के एक दैनिक पत्र ‘न्यूयाॅर्क डेली ट्रिब्यून’ में कार्ल माक्र्स एवं फ्रेडरिक एंगिल्स द्वारा 1857 की क्रांति पर लेखों का एक संकलन प्रकाशित किया और


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