तब कानपुर शहर और सिपाहियों की पंक्तियों में क्या कुछ पक रहा है, इसका आभास उन्हें होने लगा। परंतु अद्भूत समाचार के कारण उत्पन्न चंचलता जनमानस से जल्दी ही निकल जाएगी इस आशा से सर हो व्हीलर काफी कुछ निश्चित थे। इधर कानपुर शहर और सिपाहियों में अंगे्रजी शासन की समाप्ति का समय पास आ गया है-यह हर कोई अनुभव करने लगा। हिंदू और मुसलमानों की होनेवाली बड़ी-बड़ी सभाएं, सिपाहियों की होने वाली गुप्त बैठकें, विद्यार्थियों
तब कानपुर शहर और सिपाहियों की पंक्तियों में क्या कुछ पक रहा है, इसका आभास उन्हें होने लगा। परंतु अद्भूत समाचार के कारण उत्पन्न चंचलता जनमानस से जल्दी ही निकल जाएगी इस आशा से सर हो व्हीलर काफी कुछ निश्चित थे। इधर कानपुर शहर और सिपाहियों में अंगे्रजी शासन की समाप्ति का समय पास आ गया है-यह हर कोई अनुभव करने लगा। हिंदू और मुसलमानों की होनेवाली बड़ी-बड़ी सभाएं, सिपाहियों की होने वाली गुप्त बैठकें, विद्यार्थियों