1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

उसके जैसी अब अद्भुत लगनेवाली, परंतु उस समय की क्रांति रचना के कौशल की यथार्थ कल्पना देनेवाली ऐसी दूसरी विलक्षण बात इस इतिहास में नहीं लिखी गई उसकी प्रार्थना थी। मेरठ का आकस्मिक समाचार सुनते ही लश्कर के छोटे सिपाहियों और बाजार के साधारण लोगों में तत्काल चंचलता और क्षोभ उत्पन्न हो गया था। परंतु ब्रह्यवर्त का समुद्र पहले जितना शांत, गंभीर और सहनशील दिखाई देता था उतना ह ीवह आज भी था। उसके हृदय में घुमड़ते


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उसके जैसी अब अद्भुत लगनेवाली, परंतु उस समय की क्रांति रचना के कौशल की यथार्थ कल्पना देनेवाली ऐसी दूसरी विलक्षण बात इस इतिहास में नहीं लिखी गई उसकी प्रार्थना थी। मेरठ का आकस्मिक समाचार सुनते ही लश्कर के छोटे सिपाहियों और बाजार के साधारण लोगों में तत्काल चंचलता और क्षोभ उत्पन्न हो गया था। परंतु ब्रह्यवर्त का समुद्र पहले जितना शांत, गंभीर और सहनशील दिखाई देता था उतना ह ीवह आज भी था। उसके हृदय में घुमड़ते


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